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सीएम युवा योजना: 5 लाख तक ब्याज-मुक्त ऋण, पात्रता, दस्तावेज़ और आवेदन की पूरी जानकारी

UP Corporate News डेस्क • • 9 मिनट

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM YUVA) के तहत उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षित युवाओं को 5 लाख रुपये तक की परियोजना पर ब्याज-मुक्त और बिना गारंटी ऋण तथा 10% मार्जिन मनी अनुदान का प्रावधान है। आवेदन msme.up.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन होता है और पहला ऋण समय पर चुकाने वालों को दूसरे चरण के बड़े ऋण का रास्ता भी खुलता है।

सीएम युवा योजना: 5 लाख तक ब्याज-मुक्त ऋण, पात्रता, दस्तावेज़ और आवेदन की पूरी जानकारी
मुख्य बिंदु
  • 5 लाख रुपये तक की उद्योग/सेवा परियोजना पर ब्याज-मुक्त और बिना गारंटी ऋण का प्रावधान
  • परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान
  • आयु 21 से 40 वर्ष, न्यूनतम आठवीं पास और कौशल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र ज़रूरी
  • पहला ऋण चुकाने पर दोगुना या अधिकतम 7.50 लाख रुपये तक का दूसरा ऋण
  • आवेदन msme.up.gov.in पर ऑनलाइन, हेल्पलाइन 1800 296 2233

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, जिसे संक्षेप में सीएम युवा (CM YUVA) कहा जाता है, उत्तर प्रदेश सरकार की वह योजना है जो पढ़े-लिखे और प्रशिक्षित युवाओं को अपना छोटा उद्योग या सेवा व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक ऋण दिलाती है। इसकी सबसे काम की बात यह है कि 5 लाख रुपये तक की परियोजना पर ऋण ब्याज-मुक्त और बिना गारंटी के रखने का प्रावधान है, साथ में परियोजना लागत का 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है [1][2]। योजना का लक्ष्य हर साल 1 लाख और 10 साल में 10 लाख युवाओं को स्वरोज़गार से जोड़ना है [1]।

एक नज़र में

बिंदुजानकारी
योजना का नाममुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM YUVA)
विभागसूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश [7]
पहले चरण की परियोजना सीमा5 लाख रुपये तक (उद्योग/सेवा क्षेत्र) [1]
ऋण की शर्तलाभार्थी के लिए ब्याज-मुक्त और बिना गारंटी [1]
मार्जिन मनी अनुदानपरियोजना लागत का 10% [1]
आयु सीमा21 से 40 वर्ष [1]
न्यूनतम शिक्षाआठवीं पास, इंटरमीडिएट वालों को वरीयता [4]
दूसरा चरणपहला ऋण चुकाने के बाद दोगुना या अधिकतम 7.50 लाख रुपये तक का ऋण [3]
आवेदन पोर्टलmsme.up.gov.in [2]
हेल्पलाइनटोल-फ्री 1800 296 2233, फ़ोन +91 9129-987-111 [1]

राज्य मंत्रिपरिषद ने अक्टूबर 2024 की बैठक में योजना लागू करने का निर्णय लिया था [4]। बैंकों के योजना पृष्ठों में उत्तर प्रदेश सरकार की 04.10.2024 और 16.12.2024 की अधिसूचनाओं का हवाला दिया गया है [5]। अक्टूबर 2026 में आधिकारिक पोर्टल पर पात्रता और लाभ की जो जानकारी दर्ज है, यह गाइड उसी पर आधारित है [1]।

किसके लिए है

योजना उत्तर प्रदेश के उन युवाओं के लिए है जो नौकरी खोजने के बजाय अपना काम शुरू करना चाहते हैं और जिनके पास कोई हुनर या प्रशिक्षण है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार मुख्य पात्रता इस प्रकार है [1]:

  • आयु 21 से 40 वर्ष के बीच हो।
  • कम से कम आठवीं कक्षा या समकक्ष पास हों।
  • किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से कौशल (Skill) प्रमाणपत्र, डिप्लोमा या डिग्री हो।
  • केंद्र या राज्य की किसी ऐसी दूसरी योजना का लाभ न ले रहे हों जिसमें ब्याज या पूँजी (Capital) का घटक हो। पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) के लाभार्थी इस शर्त से बाहर रखे गए हैं।

प्रशिक्षण के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) प्रशिक्षण, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) जैसे सरकारी कार्यक्रमों से प्रशिक्षित युवाओं को योजना में शामिल किया गया है [3][4]। आवेदक का उत्तर प्रदेश का निवासी होना ज़रूरी है [5][7]।

बुंदेलखंड, पूर्वांचल और आकांक्षी (Aspirational) ज़िलों के लाभार्थियों के लिए विशेष प्रावधान रखे गए हैं [4], जिनका असर लाभार्थी के अंशदान पर दिखता है (नीचे तालिका देखें)।

क्या-क्या लाभ मिलते हैं

पहला चरण: 5 लाख रुपये तक की परियोजना

पहले चरण में उद्योग या सेवा क्षेत्र की 5 लाख रुपये तक की परियोजना पर बैंक ऋण दिया जाता है [1]; बैंकों की योजना-जानकारी के अनुसार यह कंपोज़िट ऋण (टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल मिलाकर) होता है [5][6]। इस पर लाभार्थी के लिए ब्याज नहीं रखा गया है और कोई गारंटी या गिरवी नहीं माँगी जाती [1]। सभी ऋणों को सीजीटीएमएसई (CGTMSE) गारंटी कवर में लाने का प्रावधान है [3]।

लाभप्रावधान
ब्याज₹5 लाख तक की परियोजना पर लाभार्थी के लिए ब्याज-मुक्त [1]
गारंटीबिना गारंटी, ऋण पर CGTMSE कवर [1][3]
मार्जिन मनी अनुदान₹5 लाख तक की परियोजना लागत का 10% [1][5]
CGTMSE शुल्ककेनरा बैंक की योजना-जानकारी के अनुसार पहले चरण में 4 वर्ष तक राज्य सरकार वहन करती है [5]
ऋण अवधिकेनरा बैंक की योजना-जानकारी के अनुसार 4 वर्ष, जिसमें 6 महीने तक की मोहलत (Moratorium) शामिल [5]
डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहनहर डिजिटल लेनदेन पर ₹1, अधिकतम ₹2,000 प्रति वर्ष [4]

10 लाख रुपये तक की परियोजना भी बनाई जा सकती है, लेकिन उस स्थिति में बाक़ी राशि का इंतज़ाम लाभार्थी को ख़ुद करना होता है [4]।

लाभार्थी का अपना अंशदान

बैंक ऋण से पहले परियोजना लागत का एक हिस्सा लाभार्थी को ख़ुद लगाना होता है। बैंकों के योजना पृष्ठों के अनुसार यह हिस्सा इस प्रकार है [5][6]:

श्रेणीअपना अंशदान (परियोजना लागत का)
सामान्य वर्ग15%
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)12.5%
अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन10%
बुंदेलखंड, पूर्वांचल और आकांक्षी ज़िले (सभी वर्ग)10%

उदाहरण के लिए, सामान्य वर्ग के आवेदक की 5 लाख रुपये की परियोजना में 75,000 रुपये अपना अंशदान होगा और बाक़ी राशि बैंक ऋण के रूप में आएगी। बैंक ऑफ़ बड़ौदा के अनुसार पहले चरण में ऋण अधिकतम 4.50 लाख रुपये तक होता है [6]। मार्जिन मनी अनुदान बैक-एंडेड (Back-ended) रूप में दिया जाता है [6]।

दूसरा चरण: विस्तार के लिए बड़ा ऋण

पहला ऋण पूरी तरह चुका देने वाली इकाइयों को दूसरे चरण में पहले ऋण का दोगुना या अधिकतम 7.50 लाख रुपये तक का ऋण लेने का प्रावधान है [3][6]। केनरा बैंक की योजना-जानकारी के अनुसार इसके लिए ज़रूरी है कि पहले चरण का ऋण 4 वर्ष के भीतर पूरा चुकाया गया हो, और डिफ़ॉल्ट करने वाले दूसरे चरण के पात्र नहीं होते। दूसरे चरण में मार्जिन मनी अनुदान नहीं मिलता, जबकि 7.50 लाख रुपये तक के ऋण पर 3 वर्ष तक CGTMSE शुल्क राज्य सरकार वहन करती है [5]।

किन कामों के लिए ऋण नहीं

केनरा बैंक की योजना-जानकारी के अनुसार तंबाकू उत्पाद, शराब और फ़िज़ी ड्रिंक्स, पटाखा निर्माण, प्रतिबंधित पतली प्लास्टिक थैलियाँ, और ज़मीन या भवन की ख़रीद योजना की नकारात्मक सूची (Negative List) में हैं [5]।

आवेदन कैसे करें

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है। सरकारी एमएसएमई पोर्टल पर बताई गई प्रक्रिया के मुख्य चरण ये हैं [2]:

  • उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के एमएसएमई पोर्टल msme.up.gov.in पर जाएँ।
  • पहली बार आवेदन कर रहे हैं तो नए उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण (Registration) करें, फिर लॉगिन करें।
  • मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का आवेदन फ़ॉर्म भरें और माँगे गए दस्तावेज़ अपलोड करके जमा करें।
  • स्वीकृत आवेदनों पर ऋण राष्ट्रीयकृत, अनुसूचित और ग्रामीण बैंकों, सिडबी (SIDBI) और आरबीआई अधिसूचित वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से दिया जाता है [3]।

तैयारी के लिए योजना के मिशन पोर्टल cmyuva.org.in पर बैंकेबल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की सुविधा, उद्यमिता विकास कार्यशालाओं में पंजीकरण और सहायता टिकट की व्यवस्था उपलब्ध है [8]।

ज़रूरी दस्तावेज़

आधिकारिक पोर्टल पर दी गई सूची के अनुसार [1]:

  • कौशल दस्तावेज़: स्किल/ट्रेनिंग/कंप्यूटर ट्रेनिंग प्रमाणपत्र या आईटीआई प्रशिक्षण का प्रमाण
  • परियोजना दस्तावेज़: प्रोजेक्ट रिपोर्ट; जीएसटी पंजीकरण वैकल्पिक
  • पैन कार्ड
  • पते का प्रमाण (बिजली बिल या आधार) और निवास प्रमाणपत्र
  • बैंक पासबुक का पहला पृष्ठ
  • शैक्षिक प्रमाणपत्र और आयु प्रमाणपत्र
  • अनुभव प्रमाणपत्र (यदि हो)
  • स्व-घोषणा पत्र और मशीन/सामान के लिए विक्रेता का कोटेशन (Quotation)
  • हस्ताक्षर और पासपोर्ट आकार की फ़ोटो

ध्यान रखने वाली बातें

  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट यथार्थवादी रखें। मशीन या सामान के कोटेशन असली विक्रेताओं से लें, ताकि बैंक को आकलन में आसानी हो।
  • अपने वर्ग के हिसाब से अंशदान (10% से 15%) की रक़म पहले से तैयार रखें, क्योंकि बैंकों की योजना-जानकारी के अनुसार यह शुरुआत में ही लगानी होती है [5][6]।
  • किस्तें समय पर चुकाएँ; पहला ऋण पूरा चुकाने पर दूसरे चरण के बड़े ऋण का रास्ता खुलता है [3][5]।
  • डिजिटल भुगतान अपनाएँ; हर डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन का प्रावधान है [4]।
  • आवेदन से पहले मिशन पोर्टल पर उद्यम विकास कार्यशाला और योजना ओरिएंटेशन का लाभ लें, इससे तैयारी बेहतर होती है [8]।
  • किसी भी सवाल के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800 296 2233 या +91 9129-987-111 पर संपर्क करें [1]।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सीएम युवा योजना में ऋण पूरी तरह ब्याज-मुक्त है?

पहले चरण में 5 लाख रुपये तक की परियोजना पर ऋण लाभार्थी के लिए 100% ब्याज-मुक्त और बिना गारंटी रखने का प्रावधान है [1]।

क्या बिना प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के आवेदन किया जा सकता है?

नहीं। पात्रता के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रमाणपत्र, डिप्लोमा या डिग्री, या किसी सरकारी प्रशिक्षण योजना का प्रमाण ज़रूरी है [1][3]।

मार्जिन मनी अनुदान कितना मिलता है?

5 लाख रुपये तक की परियोजना लागत का 10% मार्जिन मनी अनुदान के रूप में देने का प्रावधान है [1][5]। दूसरे चरण में यह अनुदान नहीं है [5]।

दूसरे चरण का ऋण कब और कितना मिल सकता है?

पहला ऋण पूरा चुकाने के बाद इकाई पहले ऋण के दोगुने या अधिकतम 7.50 लाख रुपये तक के ऋण के लिए पात्र होती है [3][6]।

क्या पीएम स्वनिधि लाभार्थी भी आवेदन कर सकते हैं?

हाँ। ब्याज या पूँजी घटक वाली दूसरी सरकारी योजनाओं के लाभार्थी पात्र नहीं हैं, लेकिन पीएम स्वनिधि को इस शर्त से छूट दी गई है [1]।

स्रोत

मुख्य आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान पोर्टल — उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश — मूल दस्तावेज़ देखें
यह गाइड आधिकारिक दस्तावेज़ों के आधार पर तैयार की गई है; हर तथ्य का स्रोत लेख के अंत में दिया गया है। नीतियाँ समय-समय पर बदलती हैं, इसलिए आवेदन से पहले नवीनतम आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देखें। किसी त्रुटि की सूचना [email protected] पर "सुधार" विषय के साथ दें।

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