एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना उत्तर प्रदेश: लाभ, पात्रता और आवेदन की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश की एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना हर जिले के चुने हुए पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देती है और इसके तहत मार्जिन मनी, सामान्य सुविधा केंद्र, विपणन सहायता तथा प्रशिक्षण-टूलकिट जैसी उप-योजनाएँ चलती हैं। इस गाइड में हर उप-योजना की पात्रता, सहायता की सीमा और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सरल भाषा में दी गई है।

- ODOP कार्यक्रम 24 जनवरी 2018 (उत्तर प्रदेश दिवस) को शुरू हुआ और सभी 75 जिलों में लागू है।
- मार्जिन मनी योजना में परियोजना लागत के अनुसार 25% (अधिकतम ₹6.25 लाख) से लेकर अधिकतम ₹20 लाख तक सहायता का प्रावधान है।
- दो साल तक इकाई सफलतापूर्वक चलने पर मार्जिन मनी अनुदान (Grant) में समायोजित हो जाती है।
- प्रशिक्षण के दौरान ₹200 प्रतिदिन मानदेय और प्रशिक्षित कारीगरों को निःशुल्क उन्नत टूलकिट का प्रावधान है।
- आवेदन उद्योग निदेशालय के MSME पोर्टल (msme.up.gov.in) पर ऑनलाइन होता है; हेल्पलाइन 1800-1800-888 है।
एक जनपद एक उत्पाद (One District One Product / ODOP) उत्तर प्रदेश सरकार का वह कार्यक्रम है, जिसमें हर जिले के एक या अधिक पारंपरिक उत्पाद चुनकर उनके उत्पादन, गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बिक्री को बढ़ावा दिया जाता है [1]। सबसे काम की बात यह है कि अगर आपका कारोबार अपने ही जिले के चुने गए ODOP उत्पाद से जुड़ा है, तो आप बैंक ऋण पर मार्जिन मनी, मेलों-प्रदर्शनियों में भागीदारी पर खर्च की भरपाई और निःशुल्क प्रशिक्षण-टूलकिट जैसी सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं [1][2]।
एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) कार्यक्रम |
| शुरुआत | 24 जनवरी 2018, उत्तर प्रदेश दिवस पर [1] |
| दायरा | प्रदेश के सभी 75 जिले [7][9] |
| प्रमुख उप-योजनाएँ | मार्जिन मनी (वित्तीय सहायता), सामान्य सुविधा केंद्र (CFC), विपणन विकास सहायता (MDA), प्रशिक्षण एवं टूलकिट [1] |
| न्यूनतम आयु | 18 वर्ष; मार्जिन मनी और प्रशिक्षण योजनाओं में शैक्षिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं [1][3] |
| मार्जिन मनी | परियोजना लागत के अनुसार, अधिकतम ₹20 लाख तक [3] |
| आवेदन पोर्टल | उद्योग निदेशालय का MSME पोर्टल — msme.up.gov.in [2][10] |
| संपर्क | जिला उद्योग केंद्र (DIC); राज्य स्तर पर ODOP सेल, निर्यात भवन, लखनऊ [1][7] |
| हेल्पलाइन | 1800-1800-888 (टोल-फ्री) [1][10] |
किसके लिए है
ODOP का लाभ कारीगरों, बुनकरों, उद्यमियों और MSME इकाइयों के लिए है [7]। सामान्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष हो और वह उत्तर प्रदेश का निवासी हो [1][10]।
- कारोबार उसी उत्पाद से जुड़ा हो जो आवेदक के अपने जिले के लिए ODOP सूची में दर्ज है। किसी दूसरे जिले के उत्पाद पर लाभ का प्रावधान नहीं है [1][4]।
- आवेदक किसी बैंक, वित्तीय संस्था या सरकारी संस्था का डिफॉल्टर न हो [3]।
- मार्जिन मनी योजना में आवेदक ने पहले केंद्र या राज्य सरकार की किसी स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया हो, और एक परिवार से एक ही व्यक्ति को लाभ मिलता है [3]।
- पात्रता की पुष्टि के लिए शपथ पत्र (Affidavit) देना होता है। आरक्षित श्रेणी (SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग) के आवेदकों को सक्षम अधिकारी का प्रमाणपत्र लगाना होता है [3]।
मार्जिन मनी योजना में नई इकाई लगाने वाले और विस्तार की योजना बना रही मौजूदा इकाइयाँ, दोनों आवेदन कर सकती हैं [2]।
क्या-क्या प्रोत्साहन / लाभ मिलते हैं
मार्जिन मनी (वित्तीय सहायता) योजना
यह योजना 24 सितंबर 2018 के शासनादेश से शुरू हुई [3]। इसमें बैंक से ऋण लेकर इकाई लगाने वालों को परियोजना लागत के आधार पर मार्जिन मनी (Margin Money Subsidy) का प्रावधान है:
| परियोजना लागत | मार्जिन मनी |
|---|---|
| ₹25 लाख तक | लागत का 25% या ₹6.25 लाख, जो कम हो |
| ₹25 लाख से ₹50 लाख तक | ₹6.25 लाख या लागत का 20%, जो अधिक हो |
| ₹50 लाख से ₹150 लाख तक | ₹10 लाख या लागत का 10%, जो अधिक हो |
| ₹150 लाख से अधिक | लागत का 10% या ₹20 लाख, जो कम हो |
परियोजना लागत में ज़मीन की कीमत शामिल नहीं होती, लेकिन पूँजीगत व्यय और एक चक्र की कार्यशील पूँजी (Working Capital) जोड़ी जा सकती है। किराये का वर्कशेड भी मान्य है [3]। लाभार्थी को परियोजना लागत का 10% (आरक्षित श्रेणियों के लिए 5%) स्वयं लगाना होता है [3]। मार्जिन मनी बैंक में सावधि जमा (TDR) के रूप में रखी जाती है और इकाई के दो साल तक बिना डिफॉल्ट सफलतापूर्वक चलने पर, DIC और बैंक के संयुक्त निरीक्षण के बाद, अनुदान में समायोजित हो जाती है [1][3]।
सामान्य सुविधा केंद्र (Common Facility Centre / CFC) योजना
यह योजना किसी उत्पाद-क्लस्टर के लिए साझा ढाँचा तैयार करने के लिए है, जैसे टेस्टिंग लैब, डिज़ाइन और प्रशिक्षण केंद्र, R&D केंद्र, प्रदर्शनी-बिक्री केंद्र, कच्चा माल बैंक, साझा उत्पादन इकाई और पैकेजिंग-लेबलिंग सुविधा [1]। इसके लिए कम से कम 20 सदस्यों वाला विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) बनाना होता है, जिसके कम से कम दो-तिहाई सदस्य ODOP उत्पाद से जुड़े हों और किसी एक सदस्य की हिस्सेदारी 10% से अधिक न हो [1][5]। SPV में राज्य सरकार का एक प्रतिनिधि भी होता है, और केंद्र के संचालन व रखरखाव का खर्च SPV स्वयं उठाता है [5]। ODOP पोर्टल के अनुसार ₹10 करोड़ तक की परियोजनाओं में SPV का न्यूनतम अंशदान लागत के अनुसार 10%, 20% या 30% है, जबकि ₹10 करोड़ से बड़ी परियोजनाओं में राज्य का अंशदान 60% (अधिकतम ₹9 करोड़) और SPV का न्यूनतम 40% है [1]। यह योजना 6 नवंबर 2018 के शासनादेश से शुरू हुई थी और 2020 में इसमें संशोधन हुआ [5][8]।
विपणन विकास सहायता (Marketing Development Assistance / MDA)
मेलों, प्रदर्शनियों और ई-कॉमर्स के ज़रिये ODOP उत्पाद बेचने वालों के खर्च की 75% तक भरपाई का प्रावधान है [6][7]:
| गतिविधि | सहायता का प्रावधान |
|---|---|
| अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले | स्टॉल शुल्क का 75% (अधिकतम ₹2 लाख); माल ढुलाई का 75% (B2B में अधिकतम ₹25,000, B2C में ₹50,000); यात्रा खर्च का 75% (अधिकतम ₹75,000) |
| उत्तर प्रदेश के भीतर मेले | स्टॉल शुल्क का 75% (घरेलू मेलों में अधिकतम ₹50,000, प्रदेश में लगने वाले अंतरराष्ट्रीय मेलों में अधिकतम ₹1.5 लाख); माल ढुलाई का 75% (अधिकतम ₹7,500) |
| ई-कॉमर्स वेबसाइट/पोर्टल | कुल खर्च का 75% (अधिकतम ₹10,000, एक वेबसाइट/पोर्टल के लिए) |
राज्य के बाहर देश में लगने वाले मेलों के लिए भी सहायता का प्रावधान है [6][7]। हर उद्देश्य के लिए एक वित्त वर्ष में अधिकतम तीन बार सहायता ली जा सकती है, और गतिविधि वाले महीने को छोड़कर 120 दिन के भीतर दावा करना होता है [6][7]। भुगतान DBT से होता है [6]।
प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना
कौशल विकास और टूलकिट वितरण योजना 22 अप्रैल 2020 के शासनादेश से चल रही है [8]। पहले से कुशल कारीगरों को पूर्व शिक्षण की मान्यता (RPL) के ज़रिये प्रशिक्षण और सेक्टर स्किल काउंसिल का प्रमाणपत्र दिया जाता है, जबकि अकुशल कारीगरों के लिए 10 दिन का प्रशिक्षण है [1]। प्रशिक्षण के दौरान ₹200 प्रतिदिन मानदेय और प्रशिक्षण पूरा करने वालों को निःशुल्क उन्नत टूलकिट का प्रावधान है [1]। इसके लिए ज़रूरी है कि पिछले दो साल में केंद्र या राज्य की किसी योजना से टूलकिट न मिली हो; पति-पत्नी को एक परिवार माना जाता है और परिवार से एक ही आवेदन मान्य है [1]।
ODOP सूची से कुछ जिले और उनके उत्पाद
| जिला | ODOP उत्पाद |
|---|---|
| लखनऊ | चिकनकारी, ज़री-ज़रदोज़ी |
| आगरा | पत्थर/संगमरमर नक्काशी हस्तशिल्प, चमड़ा उत्पाद व फुटवियर, पेठा |
| वाराणसी | सिल्क उत्पाद, लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी |
| मुरादाबाद | धातु शिल्प (Metal Craft) |
| फिरोज़ाबाद | काँच उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण |
| अलीगढ़ | ताले व हार्डवेयर, धातु शिल्प |
| भदोही | कालीन |
| मेरठ | खेल का सामान |
| कन्नौज | इत्र व परफ्यूम उत्पाद, अगरबत्ती-धूपबत्ती |
| सिद्धार्थनगर | काला नमक चावल |
पूरे 75 जिलों की सूची ODOP पोर्टल के जिला पेज पर उपलब्ध है [9]।
आवेदन कैसे करें
- सबसे पहले ODOP पोर्टल की जिला सूची में देखें कि आपका उत्पाद आपके जिले के ODOP उत्पाद में शामिल है [9]।
- उद्योग निदेशालय के MSME पोर्टल पर "नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण" करें। यहाँ ODOP मार्जिन मनी, प्रशिक्षण एवं टूलकिट, CFC और MDA योजनाएँ सूचीबद्ध हैं [10]।
- योजना चुनकर नाम, जन्मतिथि, मोबाइल, ईमेल, जिला आदि भरें और लॉग-इन आईडी से फॉर्म पूरा करें [10][11]।
- "महत्वपूर्ण निर्देश" में दी गई सूची के अनुसार दस्तावेज़ अपलोड करें। स्कैन दस्तावेज़ JPEG या PDF में 300 KB तक और फोटो 20 KB तक होनी चाहिए। शपथ पत्र नोटरी से सत्यापित कराकर अपलोड करें [11]।
- ड्राफ्ट जाँचकर अंतिम सबमिट करें, क्योंकि उसके बाद बदलाव नहीं हो सकता। आवेदन संख्या से स्थिति ट्रैक करें [11]।
- मार्जिन मनी के आवेदन जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (DLTFC) साक्षात्कार के बाद चुनती है। चयनित आवेदन 7 दिन में बैंक भेजे जाते हैं, और ऋण स्वीकृति के बाद कम से कम एक सप्ताह का प्रशिक्षण अनिवार्य है [3]।
ध्यान रखने वाली बातें
- मार्जिन मनी के लिए परियोजना रिपोर्ट (Project Report) ठोस और व्यावहारिक रखें, क्योंकि चयन समिति योजना की उपयोगिता और परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता (Viability) देखती है [3]।
- दो साल तक ऋण की किस्तें समय पर चुकाएँ, ताकि मार्जिन मनी अनुदान में बदल सके [3]।
- MDA का दावा मेले के बाद 120 दिन की समय-सीमा के भीतर करें और स्टॉल, ढुलाई व यात्रा की रसीदें संभालकर रखें [6][7]।
- सरकार ने ODOP के अगले चरण की तैयारी के संकेत दिए हैं [12]। इसलिए आवेदन से पहले पोर्टल के शासनादेश पेज पर नवीनतम शर्तें ज़रूर देखें [8]।
- किसी भी सवाल के लिए नज़दीकी जिला उद्योग केंद्र या टोल-फ्री नंबर 1800-1800-888 पर संपर्क करें [1]।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ODOP मार्जिन मनी के लिए पढ़ाई की कोई न्यूनतम योग्यता चाहिए?
नहीं। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकता है; शैक्षिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है [3]।
क्या मैं दूसरे जिले के ODOP उत्पाद पर लाभ ले सकता हूँ?
नहीं। लाभ उसी स्थिति में है जब आप अपने जिले के लिए चुने गए ODOP उत्पाद का काम करते हैं [1]।
मार्जिन मनी कब अनुदान बन जाती है?
इकाई के दो साल तक सफलतापूर्वक और बिना डिफॉल्ट चलने पर, संयुक्त निरीक्षण के बाद मार्जिन मनी अनुदान में समायोजित की जाती है [3]।
क्या महिलाओं के लिए ODOP में अलग योजना है?
ODOP में महिलाओं के लिए अलग योजना नहीं है [1], लेकिन मार्जिन मनी योजना में महिलाओं का स्वयं अंशदान 5% रखा गया है [3]। महिला उद्यमी स्टैंड-अप इंडिया योजना के लिए भी आवेदन कर सकती हैं [1]।
DIC से चयन के बाद बैंक ऋण न दे तो क्या करें?
बैंक प्रबंधक से कारण पूछें। संतोषजनक जवाब न मिलने पर बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) से संपर्क किया जा सकता है [1]।
स्रोत
- [1] Frequently Asked Questions (FAQs) — ODOP उत्तर प्रदेश पोर्टल)
- [2] Margin Money Scheme Uttar Pradesh — ODOP उत्तर प्रदेश पोर्टल
- [3] एक जनपद एक उत्पाद कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तीय सहायता योजना, शासनादेश सं. 13/2018/861 — MSME अनुभाग-4, उ.प्र. शासन, 24 सितंबर 2018
- [4] ODOP Margin Money Scheme — MSME1Connect, उत्तर प्रदेश सरकार
- [5] सामान्य सुविधा केंद्र प्रोत्साहन योजना, शासनादेश सं. 1095/18-4-2018 — MSME अनुभाग-4, उ.प्र. शासन, 6 नवंबर 2018
- [6] एक जनपद एक उत्पाद विपणन प्रोत्साहन योजना, शासनादेश सं. 4/2019/56 — MSME अनुभाग-4, उ.प्र. शासन, 22 जनवरी 2019
- [7] Marketing Development Assistance Scheme Uttar Pradesh — ODOP उत्तर प्रदेश पोर्टल
- [8] Government Orders — ODOP उत्तर प्रदेश पोर्टल
- [9] ODOP Products: Districts — ODOP उत्तर प्रदेश पोर्टल
- [10] MSME पोर्टल, पंजीकरण/लॉग-इन — उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश
- [11] ऑनलाइन आवेदन हेतु दिशा-निर्देश — उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उ.प्र. (MSME1Connect)
- [12] यूपी में ODOP 2.0 की तैयारी — अमर उजाला, 5 दिसंबर 2025
यह गाइड आधिकारिक दस्तावेज़ों के आधार पर तैयार की गई है; हर तथ्य का स्रोत लेख के अंत में दिया गया है। नीतियाँ समय-समय पर बदलती हैं, इसलिए आवेदन से पहले नवीनतम आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देखें। किसी त्रुटि की सूचना [email protected] पर "सुधार" विषय के साथ दें।