जेके सीमेंट की सहायक कंपनी तेलंगाना में लगाएगी 130 करोड़ रुपये का पेंट प्लांट, बोर्ड ने तिमाही नतीजों को दी मंज़ूरी
कानपुर स्थित जेके सीमेंट लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 24 अक्टूबर 2026 की बैठक में सितंबर तिमाही और छमाही के अलेखापरीक्षित वित्तीय परिणामों को मंज़ूरी दी। बोर्ड ने पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी जेके मैक्स पेंट्स के तेलंगाना में 75,000 केएलपीए क्षमता का नया पेंट प्लांट लगाने के फ़ैसले को भी स्वीकृति दी।

- बोर्ड ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही और छमाही के स्टैंडअलोन व समेकित अलेखापरीक्षित नतीजों को मंज़ूरी दी।
- सहायक कंपनी जेके मैक्स पेंट्स तेलंगाना के सूर्यापेट ज़िले में 75,000 केएलपीए क्षमता का वाटर-बेस्ड पेंट प्लांट लगाएगी; अनुमानित लागत 130 करोड़ रुपये।
- यह खर्च पेंट कारोबार के लिए पहले से स्वीकृत 600 करोड़ रुपये के निवेश के भीतर होगा; निर्माण शुरू होने के लगभग 12 महीने में संयंत्र चालू होने की उम्मीद।
- बोर्ड ने प्राइस वाटरहाउस चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एलएलपी को पाँच साल के लिए वैधानिक लेखा परीक्षक नियुक्त करने की सिफ़ारिश की, जो शेयरधारकों की मंज़ूरी के अधीन है।
कानपुर स्थित जेके सीमेंट लिमिटेड ने 24 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि उसके निदेशक मंडल ने उसी दिन हुई बैठक में 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही और छमाही के स्टैंडअलोन तथा समेकित (कंसोलिडेटेड) अलेखापरीक्षित वित्तीय परिणामों को मंज़ूरी दी। कंपनी के अनुसार वैधानिक लेखा परीक्षकों ने इन परिणामों पर बिना किसी आपत्ति (अनमॉडिफ़ाइड) वाला निष्कर्ष दिया है।
बोर्ड ने पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी जेके मैक्स पेंट्स लिमिटेड के बोर्ड के उस फ़ैसले को भी स्वीकृति दी, जिसके तहत तेलंगाना के सूर्यापेट ज़िले के रघुनाधपालेम में 75,000 केएलपीए (किलोलीटर प्रति वर्ष) क्षमता का नया वाटर-बेस्ड पेंट विनिर्माण संयंत्र लगाया जाएगा। इस पर अनुमानित 130 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत आएगी, जो पेंट कारोबार के लिए बोर्ड द्वारा पहले से स्वीकृत 600 करोड़ रुपये के निवेश के भीतर ही होगी। निर्माण शुरू होने के लगभग 12 महीने में संयंत्र के चालू होने की उम्मीद है।
जेके मैक्स के पास इस समय राजस्थान के भिवाड़ी में 73,000 केएलपीए की क्षमता है, जिसका उपयोग 60 प्रतिशत है। कंपनी के अनुसार भिवाड़ी इकाई के वित्त वर्ष 2027-28 तक पूरी क्षमता पर पहुँच जाने का अनुमान है, इसलिए नया संयंत्र लगाया जा रहा है।
ऑडिट कमेटी की सिफ़ारिश पर बोर्ड ने प्राइस वाटरहाउस चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एलएलपी को कंपनी का वैधानिक लेखा परीक्षक नियुक्त करने की सिफ़ारिश की है। यह नियुक्ति 2027 में होने वाली 33वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के समापन से 2032 की 38वीं एजीएम के समापन तक, लगातार पाँच वर्षों के लिए होगी और शेयरधारकों की मंज़ूरी के अधीन है। मौजूदा लेखा परीक्षक एस.आर. बाटलीबोई एंड कंपनी एलएलपी का लगातार पाँच वर्षों का दूसरा कार्यकाल 33वीं एजीएम के समापन पर पूरा होगा।
बोर्ड ने इनसाइडर ट्रेडिंग से जुड़ी आचार संहिता और अप्रकाशित मूल्य-संवेदनशील जानकारी के निष्पक्ष खुलासे की संहिता में संशोधन को भी तत्काल प्रभाव से मंज़ूरी दी।
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