बढ़ती औद्योगिक मांग पूरी करने के लिए 20,000 हेक्टेयर में न्यू नोएडा विकसित करने की योजना
नोएडा प्राधिकरण बढ़ती औद्योगिक मांग को देखते हुए करीब 20,000 हेक्टेयर में न्यू नोएडा विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इस विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के जरिए वर्ष 2030 तक 5 से 6 लाख प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन का लक्ष्य तय किया गया है।

- लगभग 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र में चरणबद्ध भूमि अधिग्रहण के जरिए न्यू नोएडा का विकास प्रस्तावित
- नोएडा प्राधिकरण ने बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ वर्ष 2030 तक 5 से 6 लाख नौकरियों का रखा लक्ष्य
- आगामी पांचवें ग्राउंडब्रेकिंग समारोह में ₹35,000 करोड़ के करीब 120 औद्योगिक प्रस्ताव होंगे शामिल
- उत्तर प्रदेश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी निर्यात में मौजूदा नोएडा की लगभग 60 प्रतिशत हिस्सेदारी
औद्योगिक मांग को पूरा करने और नए निवेश के अवसर पैदा करने के लिए नोएडा प्राधिकरण लगभग 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र में न्यू नोएडा का विकास करने की योजना पर काम कर रहा है। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्ण करुणेश के अनुसार, मौजूदा शहर में जमीन की उपलब्धता लगभग पूरी होने के करीब है, इसलिए न्यू नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही, मौजूदा नोएडा में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की अनुमति देने के लिए राज्य सरकार नीतिगत स्तर पर कार्य कर रही है।
परिवहन और आवागमन को सुगम बनाने के लिए तीन नए मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जो शहर को बोराकी मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटनिकल गार्डन और चार मूर्ति के रास्ते गौर सिटी से जोड़ेंगे। शहर वर्तमान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा हुआ है। प्राधिकरण का लक्ष्य इस इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के जरिए वर्ष 2030 तक 5 से 6 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार करना है।
प्राधिकरण के सीईओ ने बताया कि आगामी पांचवें ग्राउंडब्रेकिंग समारोह में करीब 120 औद्योगिक प्रस्ताव शामिल होंगे, जिनका संभावित निवेश लगभग ₹35,000 करोड़ है। ये प्रस्ताव डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास से जुड़े हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, वर्ष 1976 में स्थापित नोएडा वर्तमान में 168 सेक्टरों में विभाजित है और इसके डूब क्षेत्र को छोड़कर लगभग 90 प्रतिशत हिस्से का विकास हो चुका है। शहर में बीते तीन दशकों में लगभग 9,500 औद्योगिक और 5,000 वाणिज्यिक आवंटन हुए हैं, जिससे 12 लाख से अधिक रोजगार बने हैं। नोएडा वर्तमान में उत्तर प्रदेश के जीएसडीपी में लगभग 10 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी निर्यात में 60 प्रतिशत तथा परिधान निर्यात में करीब 80 प्रतिशत योगदान देता है।
यह खबर उपरोक्त आधिकारिक स्रोत के तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है और संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित की गई है। किसी त्रुटि की सूचना [email protected] पर "सुधार" विषय के साथ दें।