उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के लिए पीएम गति शक्ति पर जोर
इन्वेस्ट यूपी की 21 सितंबर की विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तर प्रदेश पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का क्रियान्वयन मज़बूत कर रहा है। इसके तहत पूंजीगत निवेश की विशेष सहायता योजना में ₹2,150 करोड़ से अधिक की 32 से अधिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं लागू की गई हैं।

- लखनऊ में इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में BISAG-N के सहयोग से बैठक आयोजित की गई।
- राज्य ने पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म पर 29 अनिवार्य डेटा लेयर और 56 अतिरिक्त लेयर जोड़ी हैं।
- ₹2,150 करोड़ से अधिक की 32 से अधिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं लागू की गई हैं।
- 2,000 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षण, योजना और निगरानी के लिए 26 से अधिक ऐप्लिकेशन।
- सभी 75 जिलों में जिला-स्तरीय योजना तंत्र को चालू कर दिया गया है।
इन्वेस्ट यूपी की 21 सितंबर की विज्ञप्ति के अनुसार, लखनऊ स्थित इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में BISAG-N (MeitY) के सहयोग से पीएम गति शक्ति के प्रभावी कार्यान्वयन पर एक बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों और जिलों के 100 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें पीडब्ल्यूडी, ऊर्जा, यूपीडा (UPEIDA), स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक में इस बात की समीक्षा की गई कि परियोजना स्तर पर पीएम गति शक्ति का बेहतर उपयोग कैसे हो।
उत्तर प्रदेश सरकार ने पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म पर 29 अनिवार्य डेटा लेयर और 56 अतिरिक्त विभागीय लेयर को एकीकृत किया है। राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत ₹2,150 करोड़ से अधिक की 32 से अधिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं लागू की गई हैं। अब तक 2,000 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है और योजना व निगरानी के लिए 26 से अधिक ऐप्लिकेशन विकसित किए गए हैं।
सरकार ने परियोजना योजना और क्रियान्वयन के लिए पीएम गति शक्ति पोर्टल का उपयोग अनिवार्य करने वाला एक शासनादेश जारी किया है। इसके अलावा ₹100 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर EGoS/NPG ढांचे के तहत विचार आवश्यक है और सभी 75 जिलों में नोडल अधिकारियों के साथ जिला-स्तरीय योजना तंत्र को चालू कर दिया गया है।
इन्वेस्ट यूपी के सीईओ श्री विजय किरण आनंद ने कहा कि बेहतर तालमेल और तकनीक आधारित योजना से विभागों को परियोजनाओं को अवधारणा से क्रियान्वयन तक ले जाने में मदद मिल रही है। विज्ञप्ति के अनुसार यह पहल राज्य के बढ़ते एक्सप्रेसवे, रेल और एयरपोर्ट नेटवर्क की पूरक है और लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक विकास व निवेश सुविधा में सहायक है।
यह खबर उपरोक्त आधिकारिक स्रोत के तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है और संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित की गई है। किसी त्रुटि की सूचना [email protected] पर "सुधार" विषय के साथ दें।