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उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति 2022: पात्रता, सब्सिडी और आवेदन की पूरी जानकारी

UP Corporate News डेस्क • • 9 मिनट

उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति 2022 राज्य में टेक्सटाइल और परिधान इकाइयों के लिए पूँजीगत सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी छूट और रोज़गार सब्सिडी जैसे प्रोत्साहन तय करती है। यह नीति 17 अक्टूबर 2022 को अधिसूचित हुई और अधिसूचना से 5 वर्ष के लिए लागू है।

उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति 2022: पात्रता, सब्सिडी और आवेदन की पूरी जानकारी
मुख्य बिंदु
  • नीति 17 अक्टूबर 2022 को अधिसूचित, अधिसूचना से 5 वर्ष तक प्रभावी
  • प्लांट व मशीनरी पर 15% से 25% पूँजीगत सब्सिडी, पूर्वांचल-बुंदेलखंड में (दूसरे स्तर से) 10% अतिरिक्त, अधिकतम ₹100 करोड़
  • मशीनरी ऋण के ब्याज पर 60% सब्सिडी, 7 वर्ष तक, अधिकतम ₹1.5 करोड़ प्रति वर्ष
  • मेगा/सुपर मेगा गारमेंटिंग इकाइयों को ₹3,200 प्रति श्रमिक प्रति माह, 5 वर्ष तक
  • PM MITRA पार्क (लखनऊ-हरदोई) में इकाइयों के लिए ₹2 प्रति यूनिट बिजली टैरिफ सब्सिडी का प्रावधान

उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति 2022 (UP Textile and Garmenting Policy 2022) कताई, बुनाई, प्रोसेसिंग, गारमेंटिंग, रेशम और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसी गतिविधियों में नया निवेश या विस्तार करने वाली इकाइयों के लिए राज्य की मुख्य प्रोत्साहन नीति है [1]। सबसे काम की बात यह है कि इसमें सब्सिडी का स्तर मशीनरी निवेश और रोज़गार, दोनों से जुड़ा है, इसलिए परियोजना की योजना बनाते समय ही यह देख लेना चाहिए कि इकाई किस स्तर में आएगी [1]।

एक नज़र में

बिंदुजानकारी
अधिसूचना17 अक्टूबर 2022 [1]
अवधिअधिसूचना से 5 वर्ष, या संशोधन/प्रतिस्थापन तक [1]
विभागहथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश [1]
पूँजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy)प्लांट व मशीनरी पर 15%–25%, पूर्वांचल-बुंदेलखंड में दूसरे से छठे स्तर तक 10% अतिरिक्त, अधिकतम ₹100 करोड़ [1]
ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy)60%, 7 वर्ष तक, अधिकतम ₹1.5 करोड़ प्रति वर्ष [1]
बिजली शुल्क (Electricity Duty)नई इकाइयों को 10 वर्ष तक 100% छूट [1]
कुल प्रोत्साहन की सीमास्थिर पूँजी निवेश (FCI) का 100%, गौतम बुद्ध नगर में 80% [1]
राज्य का वार्षिक बजट सीमासभी सब्सिडी पर कुल ₹500 करोड़ प्रति वर्ष [1]

किसके लिए है

नीति नई इकाइयों और विस्तार/विविधीकरण (Expansion/Diversification) करने वाली मौजूदा इकाइयों, दोनों के लिए है [1]।

  • नई इकाई: नीति अवधि में नया निवेश करने वाली इकाई, जिसका व्यावसायिक उत्पादन (Commercial Production) लेटर ऑफ कम्फर्ट (Letter of Comfort, LoC) जारी होने के 3 वर्ष के भीतर शुरू हो जाए [1]।
  • विस्तार इकाई: मौजूदा सकल स्थिर पूँजी निवेश के 25% से अधिक नया निवेश और स्थापित क्षमता में कम से कम 25% वृद्धि; उत्पादन LoC से 3 वर्ष के भीतर [1]।
  • पात्र गतिविधियाँ: रेशम उत्पादन (Sericulture), रीलिंग, हथकरघा, कताई, बुनाई, निटिंग, डाइंग, प्रोसेसिंग, प्रिंटिंग, गारमेंटिंग, कढ़ाई, टेक्निकल टेक्सटाइल, जूट उत्पाद, नॉन-वोवन फ़ैब्रिक और पावरलूम पर पीपी मैट [1]। सूची से बाहर की निर्माण गतिविधियाँ पात्र नहीं हैं [1]।
  • श्रमिक: उत्तर प्रदेश के अधिवासी (Domicile) श्रमिक, जो स्थायी पेरोल या अनुबंध पर हों [1]।

ध्यान दें कि किसी मद में यदि राज्य की किसी अन्य नीति से लाभ लिया गया है, तो उसी मद में इस नीति से प्रोत्साहन नहीं मिलेगा; हालाँकि केंद्र की TUFS जैसी योजनाओं के लाभ इसके अतिरिक्त हैं [1]।

मेगा और सुपर मेगा इकाई की परिभाषा

श्रेणीपूर्वांचल व बुंदेलखंडशेष प्रदेश
मेगा₹50–75 करोड़ निवेश या 500 रोज़गार (गारमेंटिंग में 1,000)₹75–125 करोड़ निवेश या 750 रोज़गार (गारमेंटिंग में 1,500)
सुपर मेगा₹75 करोड़ से अधिक या 750 रोज़गार (गारमेंटिंग में 1,500)₹125 करोड़ से अधिक या 1,000 रोज़गार (गारमेंटिंग में 2,000)

क्या-क्या प्रोत्साहन / लाभ मिलते हैं

पूँजीगत सब्सिडी (प्लांट व मशीनरी पर)

स्तरमशीनरी निवेशन्यूनतम रोज़गारदरअधिकतम
पहला₹10 करोड़ तक50 से कम15%₹1 करोड़
दूसरा₹10 करोड़ तक5025%₹2 करोड़
तीसरा₹10–50 करोड़20025%₹10 करोड़
चौथा₹50–100 करोड़30025%₹20 करोड़
पाँचवाँ₹100–200 करोड़50025%₹40 करोड़
छठा₹200 करोड़ से अधिक1,00025%₹100 करोड़

दूसरे से छठे स्तर तक पूर्वांचल और बुंदेलखंड की इकाइयों के लिए 10% अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान है [1]।

अन्य प्रमुख प्रोत्साहन

  • भूमि लागत सब्सिडी (Land Cost Subsidy): सरकारी एजेंसियों से ली गई भूमि पर 25% (गौतम बुद्ध नगर में 15%), परियोजना लागत के 10% तक; शर्त यह कि भूमि खरीद के 5 वर्ष के भीतर उत्पादन शुरू हो [1]।
  • स्टाम्प ड्यूटी छूट: इकाइयों को 100% (गौतम बुद्ध नगर में 75%), बैंक गारंटी जमा करने पर [1]।
  • ब्याज सब्सिडी: मशीनरी ऋण के वार्षिक ब्याज का 60%, 7 वर्ष तक; अधिकतम ₹1.5 करोड़ प्रति वर्ष (गौतम बुद्ध नगर में ₹75 लाख)। मशीनरी का केंद्र की TUFS/ATUFS योजना में पात्र होना ज़रूरी है [1]।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडी: सड़क, जल निकासी-जल आपूर्ति और बिजली पर 50% (कुल ₹3 करोड़ तक); ETP और DG सेट पर 50% (₹5 करोड़ तक); प्रशिक्षण, टेस्टिंग लैब और R&D पर 25% (₹2.5 करोड़ तक); स्टाफ क्वार्टर और श्रमिक हॉस्टल पर 25% (₹5 करोड़ तक) [1]।
  • रोज़गार सब्सिडी (Employment Generation Subsidy): मेगा व सुपर मेगा गारमेंटिंग इकाइयों को ₹3,200 प्रति श्रमिक प्रति माह, 5 वर्ष तक; गौतम बुद्ध नगर और गाज़ियाबाद इसमें शामिल नहीं। श्रमिक का EPF में पंजीकरण और DBT से भुगतान ज़रूरी है, और यह लाभ कुल पहली 15,000 सिलाई मशीनों तक सीमित है [1]।
  • माल-भाड़ा प्रतिपूर्ति (Freight Reimbursement): नई गारमेंटिंग इकाइयों को इकाई से बंदरगाह तक कंटेनर भाड़े पर पहले 2 वर्ष 75%, अगले 2 वर्ष 50% और पाँचवें वर्ष 25% [1]।
  • रेशम उद्योग: बैंक या वित्तीय संस्था से ऋण लेने वाली ₹1 करोड़ तक निवेश की चाकी, कोया, रीलिंग व स्पिनिंग इकाइयों को मार्जिन मनी (Margin Money) पर 15% पूँजीगत सब्सिडी (SC/ST उद्यमियों को 20%) [1]।

निजी टेक्सटाइल पार्क

कम से कम 25 एकड़ के निजी पार्क के लिए भूमि को छोड़कर परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹50 करोड़ तक सहायता का प्रावधान है। पार्क में कम से कम 10 इकाइयाँ होनी चाहिए [1]।

युवाओं के लिए प्रावधान

35 वर्ष तक के उत्तर प्रदेश निवासी युवाओं के लिए अलग प्रोत्साहन हैं, जैसे डिज़ाइन स्टूडियो पर परियोजना लागत का 75% (₹30 लाख तक) और एक्सपोर्ट हाउस के पंजीकरण शुल्क व ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर लागत का 75% (₹20 लाख तक)। टेक्सटाइल, टेक्सटाइल डिज़ाइन या फ़ैशन डिज़ाइन के स्नातक यदि गारमेंटिंग या होम फ़र्निशिंग इकाई शुरू करें, तो सरकारी संस्थाओं से आवंटित फ्लैटेड फ़ैक्ट्री के किराए पर 5 वर्ष तक 50% सब्सिडी का प्रावधान है [1]।

PM MITRA पार्क, लखनऊ-हरदोई

केंद्र की PM MITRA (PM Mega Integrated Textile Region and Apparel) योजना के तहत देश में 7 स्थल तय हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश का पार्क लखनऊ में है और इसके लिए पर्यावरण स्वीकृति (Environmental Clearance) मिल चुकी है [4]। केंद्र ने 17 मार्च 2023 को इन पार्कों की घोषणा की; लखनऊ ज़िले के मलिहाबाद ब्लॉक के अटारी गाँव में 1,000 एकड़ में विकसित हो रहे इस पार्क में लगभग ₹10,000 करोड़ निवेश की उम्मीद जताई गई है [5]। Invest UP इसे लखनऊ-हरदोई का आगामी पार्क बताता है [6]।

राज्य नीति में PM MITRA पार्क की इकाइयों के लिए ये विशेष प्रावधान हैं [1]:

  • कम से कम 50 कर्मचारियों वाली इकाइयों को उत्पादन शुरू होने से 5 वर्ष तक ₹2 प्रति यूनिट (kWh) बिजली टैरिफ सब्सिडी, अधिकतम ₹60 लाख प्रति वर्ष (कैप्टिव या ओपन एक्सेस बिजली पर नहीं)।
  • पार्क डेवलपर और पहले प्लॉट खरीदार को 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट, बैंक गारंटी पर।
  • लखनऊ/हरदोई के प्रस्तावित PM MITRA पार्क में इकाई लगाने के लिए भूमि खरीदने वाले निवेशकों को भी भूमि लागत सब्सिडी।

आवेदन कैसे करें

  • नीति पढ़ें: नीति, शासनादेश और SOP Invest UP के नीति पेज पर उपलब्ध हैं [2]।
  • LoC के लिए आवेदन: SOP में इकाइयों के लिए LoC का आवेदन फ़ॉर्म-1 और अन्य प्रोत्साहनों के दावे के लिए फ़ॉर्म-2 है; टेक्सटाइल पार्क के लिए फ़ॉर्म-3 और फ़ॉर्म-4 हैं [3]।
  • दस्तावेज़: विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), पंजीकरण प्रमाणपत्र, GST व PAN विवरण, ₹100 के स्टाम्प पेपर पर शपथ-पत्र, पात्र स्थिर पूँजी निवेश पर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का प्रमाणपत्र, भूमि दस्तावेज़, बैंक ऋण स्वीकृति पत्र और रोज़गार के प्रमाण (EPF/ESI) [3]।
  • कहाँ जमा करें: SOP में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के परिक्षेत्रीय कार्यालयों की सूची दी गई है, जो आवेदन संख्या दर्ज करते हैं [3]।
  • मदद: निवेश संबंधी स्वीकृतियों के लिए निवेश मित्र और निवेशक सहायता के लिए निवेश सारथी पोर्टल हैं; Invest UP हेल्पडेस्क +91 522 6923000 (सोमवार–शनिवार, सुबह 9:30 से शाम 6:00) [2]। निवेश मित्र की प्रक्रिया के लिए हमारी गाइड निवेश मित्र 3.0 देखें।

ध्यान रखने वाली बातें

  • सब्सिडी का स्तर मशीनरी निवेश और रोज़गार दोनों से तय होता है; दोनों अलग स्तर में हों तो निचला स्तर लागू होता है। नीति के उदाहरण के अनुसार ₹80 करोड़ मशीनरी निवेश लेकिन 100 रोज़गार वाली इकाई दूसरे स्तर में गिनी जाएगी [1]।
  • उत्पादन LoC से 3 वर्ष के भीतर शुरू करने की समय-सीमा को परियोजना योजना में शामिल रखें [1]।
  • नीति का अंग्रेज़ी पाठ अनुवाद है; किसी अंतर की स्थिति में हिंदी शासनादेश मान्य होगा [1]।
  • सामान्य उद्योगों के लिए राज्य की व्यापक नीति जानने के लिए औद्योगिक निवेश एवं रोज़गार प्रोत्साहन नीति 2022 गाइड देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह नीति अभी लागू है? नीति 17 अक्टूबर 2022 को अधिसूचित हुई और अधिसूचना से 5 वर्ष के लिए प्रभावी है [1]। जुलाई 2026 में भी इसी नीति के तहत इकाइयों को प्रोत्साहन और नए निवेशकों को LoC दिए गए [7]।

क्या छोटी इकाई भी पात्र है? हाँ। ₹10 करोड़ तक मशीनरी निवेश और 50 से कम रोज़गार वाली इकाई के लिए 15% पूँजीगत सब्सिडी (अधिकतम ₹1 करोड़) का प्रावधान है [1]।

क्या केंद्र की योजनाओं के साथ लाभ मिल सकता है? नीति के अनुसार इसके प्रोत्साहन TUFS और केंद्र की अन्य योजनाओं के अतिरिक्त हैं, जब तक अलग से कुछ न कहा गया हो [1]।

रोज़गार सब्सिडी किसे मिलती है? यह गौतम बुद्ध नगर और गाज़ियाबाद को छोड़कर बाकी ज़िलों की मेगा और सुपर मेगा गारमेंटिंग इकाइयों के लिए है [1]।

PM MITRA पार्क में इकाई लगाने पर अतिरिक्त क्या है? राज्य नीति के सामान्य प्रोत्साहनों के साथ बिजली टैरिफ सब्सिडी और पहले प्लॉट खरीदार के लिए 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट का प्रावधान है [1]।

स्रोत

मुख्य आधिकारिक स्रोत: हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार (Invest UP पर प्रकाशित नीति) — मूल दस्तावेज़ देखें
यह गाइड आधिकारिक दस्तावेज़ों के आधार पर तैयार की गई है; हर तथ्य का स्रोत लेख के अंत में दिया गया है। नीतियाँ समय-समय पर बदलती हैं, इसलिए आवेदन से पहले नवीनतम आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देखें। किसी त्रुटि की सूचना [email protected] पर "सुधार" विषय के साथ दें।

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