विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0: पात्रता, 25 ट्रेड, टूलकिट, ऋण और आवेदन की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 पारंपरिक कारीगरों और आधुनिक सेवा-कामगारों को निःशुल्क प्रशिक्षण, टूलकिट और ऋण सहायता से जोड़ती है। यह गाइड पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और केंद्र की पीएम विश्वकर्मा योजना से इसके अंतर को आधिकारिक स्रोतों के आधार पर समझाती है।

- योजना के 2.0 संस्करण में 25 ट्रेड शामिल: 16 पारंपरिक और 9 आधुनिक
- बाज़ार की माँग के अनुसार 10 दिन तक का निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण
- प्रशिक्षण के बाद ₹15,000 तक की उन्नत टूलकिट सहायता का प्रावधान
- ₹10 लाख तक की ऋण सहायता, 15% मार्जिन मनी सब्सिडी के साथ
- आवेदन उद्योग निदेशालय उत्तर प्रदेश के ऑनलाइन पोर्टल पर
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की वह योजना है जो बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, नाई जैसे पारंपरिक कारीगरों के साथ अब मोबाइल रिपेयर, प्लंबिंग और सोलर इंस्टॉलेशन जैसे आधुनिक काम करने वालों को भी प्रशिक्षण, औज़ार और पूँजी से जोड़ती है। राज्य के MSME विभाग के पोर्टल के अनुसार योजना का 2.0 संस्करण 25 ट्रेड को कवर करता है और इसमें प्रशिक्षण के बाद टूलकिट के साथ ₹10 लाख तक की ऋण सहायता का प्रावधान भी जोड़ा गया है [1]। अपना काम आगे बढ़ाना चाहने वाले कारीगरों के लिए सबसे काम की बात यही है कि एक ही योजना में हुनर, औज़ार और कारोबार के लिए पूँजी, तीनों का रास्ता खुलता है।
एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना | विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 (Vishwakarma Shram Samman Yojana) [1] |
| संचालन | उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश (MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग) [4] |
| कवर ट्रेड | 25 (16 पारंपरिक + 9 आधुनिक) [1] |
| न्यूनतम आयु | 18 वर्ष [1] |
| प्रशिक्षण | 10 दिन तक, निःशुल्क [1] |
| टूलकिट | प्रशिक्षण के बाद ₹15,000 तक [1] |
| ऋण सहायता | ₹10 लाख तक, 15% मार्जिन मनी सब्सिडी के साथ [1] |
| लाभार्थी अंशदान | सामान्य वर्ग पुरुष: परियोजना लागत का 10%; अन्य वर्ग: 5% [1] |
| आवेदन पोर्टल | उद्योग निदेशालय उत्तर प्रदेश का ऑनलाइन पोर्टल; योजना पेज पर diupmsme.upsdc.gov.in और msme.up.gov.in दोनों के लिंक दिए गए हैं [1] |
योजना का मौजूदा स्वरूप
योजना पहले बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची, राजमिस्त्री और दस्तकारी जैसे पारंपरिक कामों के लिए 6 दिन के निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ चल रही थी [2][4]। राज्य के MSME 1-Connect पोर्टल पर अब इसका 2.0 संस्करण दर्ज है, जहाँ वित्त वर्ष 2026-27 के शासनादेश (2.0) का उल्लेख है [1]। नए संस्करण में ट्रेड की संख्या 25 हो गई है, प्रशिक्षण 10 दिन तक का है, और टूलकिट के साथ ऋण व मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान जोड़ा गया है [1]। इस गाइड में 2.0 संस्करण का विवरण दिया गया है। शासनादेश की सटीक तारीख पोर्टल पर उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है, इसलिए आवेदन से पहले पोर्टल पर ताज़ा सूचना ज़रूर देख लें।
किसके लिए है
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार आवेदक के लिए ये शर्तें हैं [1]:
- उत्तर प्रदेश का वैध (मूल) निवासी हो।
- आयु कम से कम 18 वर्ष हो।
- पिछले दो वर्षों में कोई टूलकिट न मिली हो।
- आवेदक नीचे दिए गए 25 ट्रेड में से किसी से जुड़ा हो।
उद्योग निदेशालय के ई-सेवा पोर्टल पर दी गई योजना की शर्तों में दो और बातें स्पष्ट हैं [4]:
- पात्रता के लिए जाति एकमात्र आधार नहीं है। पारंपरिक कारीगर जातियों से बाहर के व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे ग्राम प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष या नगर पालिका/नगर निगम के संबंधित वार्ड सदस्य से पारंपरिक कारीगरी से जुड़े होने का प्रमाणपत्र दें।
- परिवार (पति या पत्नी) में से केवल एक सदस्य योजना के लिए पात्र होगा।
आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध विवरण में अधिकतम आयु या वार्षिक आय की कोई सीमा नहीं बताई गई है [1]।
25 ट्रेड की सूची
| श्रेणी | ट्रेड |
|---|---|
| पारंपरिक (16) | बढ़ई (Carpenter), दर्जी (Tailor), कुम्हार (Potter), लोहार (Blacksmith), नाई (Barber), राजमिस्त्री (Mason), सुनार (Goldsmith), टोकरी बुनकर (Basket Weaver), हलवाई (Confectioner), मोची (Cobbler), धोबी (Washerman), मूर्तिकार (Sculptor), मालाकार (Florist), दूधवाला (Milkman), भड़भूजा यानी अनाज भूनने वाले (Bharbhuja), मछुआरा (Madhuaara) |
| आधुनिक (9) | मोबाइल रिपेयर (Mobile Repair), ऑटोमोबाइल रिपेयर (Automobile Repair), इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत (Electronic Goods Repair), बिजली के सामान की मरम्मत (Electrical Goods Repair), प्लंबर (Plumber), कंप्यूटर रिपेयर (Computer Repair), सोलर इंस्टॉलेशन (Solar Installation), डिजिटल फोटोग्राफी (Digital Photography), सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर (Software & Hardware) |
MSME 1-Connect पोर्टल पर ट्रेड के नाम केवल अंग्रेज़ी में दिए गए हैं [1]। ऊपर हिंदी नाम समझाने के लिए लिखे गए हैं और कोष्ठक में पोर्टल पर लिखा अंग्रेज़ी नाम है, ताकि सूची में अपना ट्रेड पहचानने में आसानी हो। ध्यान दें कि मछली पकड़ने वालों (मछुआरा) का ट्रेड अंग्रेज़ी सूची में "Madhuaara" नाम से दर्ज है।
क्या-क्या लाभ मिलते हैं
| लाभ | प्रावधान |
|---|---|
| कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) | बाज़ार की माँग के अनुसार 10 दिन तक का निःशुल्क प्रशिक्षण [1] |
| टूलकिट (Toolkit) | प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ₹15,000 तक की उन्नत टूलकिट सहायता [1] |
| ऋण सहायता (Loan) | ₹10 लाख तक, 15% मार्जिन मनी सब्सिडी के साथ; पोर्टल पर इसे बिना गारंटी (collateral) और बिना ब्याज के बताया गया है [1] |
| लाभार्थी अंशदान | सामान्य वर्ग के पुरुष: परियोजना लागत का 10%; महिलाएँ, तृतीय लिंग, दिव्यांगजन, पूर्व सैनिक और अन्य वर्ग: 5% [1] |
| बाज़ार से जुड़ाव | नई तकनीक, डिज़ाइन, मार्केटिंग और ई-कॉमर्स से परिचय में सहयोग [1] |
सरल शब्दों में, पात्र लाभार्थी को पहले प्रशिक्षण, फिर अपने ट्रेड की टूलकिट, और कारोबार बढ़ाने के लिए ऋण व मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है। ऋण किस बैंक या किस प्रक्रिया से स्वीकृत होगा, यह पोर्टल पर उपलब्ध सारांश में विस्तार से नहीं दिया गया है, इसलिए यह जानकारी ज़िला उद्योग कार्यालय से लेना बेहतर रहेगा।
आवेदन कैसे करें
आवेदन उद्योग निदेशालय उत्तर प्रदेश के ऑनलाइन पोर्टल पर होता है [1][3]। MSME 1-Connect पर योजना के पेज में आवेदन के निर्देशों में diupmsme.upsdc.gov.in का लिंक है, जबकि "Apply for the scheme" बटन msme.up.gov.in पर ले जाता है [1]। इसलिए आवेदन से पहले योजना पेज पर दिया गया ताज़ा लिंक देख लें। निदेशालय के ऑनलाइन आवेदन दिशानिर्देशों में बताई गई प्रक्रिया मोटे तौर पर इस तरह है; पोर्टल पर विकल्पों के नाम थोड़े अलग हो सकते हैं [3]:
- पोर्टल पर आवेदक लॉगिन (Applicant Login) में "नए उपयोगकर्ता का पंजीकरण" (New User Registration) चुनें [3]।
- पंजीकरण फॉर्म में योजना का नाम, अपना नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और ज़िला भरें [3]।
- मिले यूज़र आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें; पहली बार लॉगिन पर पासवर्ड बदलना होता है [3]।
- लाभार्थी अनुभाग (Beneficiary section) में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना चुनकर विवरण भरें [1]।
- दस्तावेज़ JPEG या PDF में अपलोड करें; हर फ़ाइल 300 KB तक और पासपोर्ट फोटो 20 KB तक होनी चाहिए [3]।
- यदि योजना में शपथपत्र माँगा गया है, तो उसे प्रिंट कर नोटरी से सत्यापित कराकर अपलोड करें [3]।
- अंतिम सबमिशन से पहले ड्राफ्ट प्रिंट निकालकर सारी जानकारी जाँच लें, क्योंकि फाइनल सबमिशन के बाद आवेदन में बदलाव नहीं हो सकता [3]।
- आवेदन की प्रति प्रिंट करके रखें और आवेदन संख्या से "Application Status" पेज पर स्थिति देखें [3]।
ज़रूरी दस्तावेज़
योजना दस्तावेज़ और निदेशालय के ई-सेवा पोर्टल के अनुसार ये दस्तावेज़ तैयार रखें [2][4]:
- पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि)
- आयु प्रमाण
- जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
- दिव्यांगता प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
- पारंपरिक कारीगरी का प्रमाणपत्र (पात्रता की शर्त के अनुसार, केवल गैर-पारंपरिक जाति के आवेदकों के लिए)
पीएम विश्वकर्मा योजना से कैसे अलग है
केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई; इसे MSME मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और वित्तीय सेवाएँ विभाग मिलकर चलाते हैं और यह 18 पारिवारिक पारंपरिक ट्रेड के लिए है [5]। इसमें पंजीकरण कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के ज़रिए आधार बायोमेट्रिक सत्यापन से होता है, टूलकिट के लिए ₹15,000 का ई-वाउचर मिलता है, और बिना गारंटी वाला ऋण दो किस्तों (₹1 लाख और ₹2 लाख) में 5% की रियायती ब्याज दर पर दिया जाता है [5]। वहीं उत्तर प्रदेश की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना राज्य सरकार की अलग योजना है, जिसका आवेदन राज्य के उद्योग निदेशालय पोर्टल पर होता है, जिसमें 25 ट्रेड (आधुनिक सेवा-ट्रेड सहित) शामिल हैं, और जिसमें ₹10 लाख तक के ऋण पर 15% मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है [1]।
ध्यान रखने वाली बातें
- आवेदन करते समय अपना ट्रेड सोच-समझकर चुनें; प्रशिक्षण और टूलकिट उसी ट्रेड के हिसाब से होते हैं।
- अगर आप पारंपरिक कारीगर जाति से नहीं हैं, तो प्रधान या वार्ड सदस्य से कारीगरी का प्रमाणपत्र पहले ही बनवा लें [4]।
- दस्तावेज़ों को तय साइज़ (300 KB, फोटो 20 KB) में पहले से तैयार रखें, ताकि अपलोड में अड़चन न आए [3]।
- आवेदन की अंतिम तिथि और ताज़ा सूचनाओं के लिए पोर्टल और अपने ज़िला उद्योग कार्यालय के संपर्क में रहें।
- कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए अन्य राज्य योजनाएँ भी देखें, जैसे एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM YUVA)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इस योजना के लिए कोई आय-सीमा है?
आधिकारिक MSME 1-Connect पोर्टल पर दिए गए विवरण में आय-सीमा का उल्लेख नहीं है। मुख्य शर्तें उत्तर प्रदेश का निवासी होना, 18 वर्ष की न्यूनतम आयु और पिछले दो साल में टूलकिट न लेना हैं [1]।
प्रशिक्षण कितने दिन का होता है और क्या इसका शुल्क लगता है?
योजना के 2.0 संस्करण में बाज़ार की माँग के अनुसार 10 दिन तक का प्रशिक्षण निःशुल्क रखा गया है [1]।
क्या मोबाइल रिपेयर या प्लंबिंग करने वाले भी आवेदन कर सकते हैं?
हाँ। 2.0 संस्करण में मोबाइल रिपेयर, प्लंबर, कंप्यूटर रिपेयर, सोलर इंस्टॉलेशन समेत 9 आधुनिक ट्रेड जोड़े गए हैं [1]।
क्या पति और पत्नी दोनों अलग-अलग लाभ ले सकते हैं?
उद्योग निदेशालय के ई-सेवा पोर्टल पर दी गई शर्तों के अनुसार परिवार (पति या पत्नी) में से केवल एक सदस्य पात्र होगा [4]।
क्या पीएम विश्वकर्मा का लाभ लेने वाले इस योजना में आवेदन कर सकते हैं?
राज्य योजना की शर्तों में यह है कि आवेदक को पिछले दो वर्षों में कोई टूलकिट न मिली हो [1]। किसी अन्य योजना से जुड़ी स्थिति स्पष्ट करने के लिए ज़िला उद्योग कार्यालय से संपर्क करना उपयोगी रहेगा।
स्रोत
- [1] विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 — UP MSME 1-Connect, MSME विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार (20 अक्टूबर 2026 को देखा गया)
- [2] विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना — योजना दस्तावेज़, UP MSME 1-Connect
- [3] ऑनलाइन आवेदन हेतु दिशानिर्देश — उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश
- [4] लाभार्थीपरक योजनाओं का ई-सेवा पोर्टल — उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश
- [5] PM Vishwakarma Scheme: Honouring Heritage, Powering Progress — PIB, 16 सितंबर 2025
यह गाइड आधिकारिक दस्तावेज़ों के आधार पर तैयार की गई है; हर तथ्य का स्रोत लेख के अंत में दिया गया है। नीतियाँ समय-समय पर बदलती हैं, इसलिए आवेदन से पहले नवीनतम आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देखें। किसी त्रुटि की सूचना [email protected] पर "सुधार" विषय के साथ दें।