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यूपीआईटीएस में एआई, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा पर चर्चा; 8-10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की संभावनाएं

UP Corporate News डेस्क • • Invest UP • 1 मिनट

ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपीआईटीएस 2026 के दूसरे दिन एआई, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोटिव और टेक्सटाइल क्षेत्रों में निवेश अवसरों पर चर्चा हुई। इस दौरान राज्य में 8 से 10 गीगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

यूपीआईटीएस में एआई, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा पर चर्चा; 8-10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की संभावनाएं
मुख्य बिंदु
  • यूपीआईटीएस 2026 के दूसरे दिन इन्वेस्ट यूपी के समन्वय में विभिन्न सेक्टोरल सत्र आयोजित हुए।
  • स्वच्छ ऊर्जा परिचर्चा में राज्य के भीतर 8 से 10 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा संभावनाओं की पहचान की गई।
  • नोएडा के अलावा लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के विस्तार पर ज़ोर दिया गया।
  • ऑटोमोटिव, टेक्सटाइल और पीएसयू राउंडटेबल बैठकों में आपूर्ति श्रृंखला व बुनियादी ढांचे पर मंथन हुआ।

ग्रेटर नोएडा में यूपीआईटीएस 2026 के दूसरे दिन इन्वेस्ट यूपी द्वारा आयोजित विभिन्न सेक्टोरल सत्रों में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक विकास रणनीति पर मंथन किया गया। इन सत्रों में सरकारी अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, ऑटोमोटिव विनिर्माण, टेक्सटाइल और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के पास नीतिगत स्थिरता, बुनियादी ढांचे और केंद्र-राज्य समन्वय के दम पर एक प्रमुख प्रौद्योगिकी व विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरने का अवसर है। उन्होंने कहा कि निवेश को केवल नोएडा तक सीमित न रखकर राज्य के अन्य हिस्सों तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि राज्य मोबाइल विनिर्माण और जीसीसी इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है। नोएडा के साथ-साथ लखनऊ और कानपुर में भी जीसीसी आकर्षित करने के लिए नीतियां बनाई गई हैं, और राज्य में आईटी व आईटी-सक्षम सेवाओं को उद्योग का दर्जा दिया जा चुका है।

स्वच्छ ऊर्जा सत्र के दौरान अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने राज्य में 8 से 10 गीगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की पाइपलाइन की पहचान की। इसके अलावा ट्रांसमिशन, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस), हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ विनिर्माण पर भी चर्चा हुई।

ऑटोमोटिव, टेक्सटाइल और सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के लिए आयोजित अलग-अलग राउंडटेबल बैठकों में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटो कंपोनेंट्स, टेक्सटाइल क्लस्टर्स और पीएसयू साझेदारियों के माध्यम से नए निवेश अवसरों पर चर्चा हुई।

स्रोत: Invest UP (उत्तर प्रदेश सरकार) — मूल दस्तावेज़ / विज्ञप्ति देखें
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