8 अक्टूबर 2026 | लखनऊउत्तर प्रदेश • कॉरपोरेट • निवेश • उद्योग
← सभी खबरें
📍 उत्तर प्रदेश नीति और अर्थव्यवस्था

यूपीसीडा क्षेत्रों में कारखानों का पंजीकरण दोगुना, 55 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक तैयार

UP Corporate News डेस्क • • UPSIDA • 2 मिनट

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के औद्योगिक क्षेत्रों में कारखानों का पंजीकरण तीन वर्षों में दोगुने से अधिक होकर करीब 3,300 पहुंच गया है। प्राधिकरण के पास पूरे राज्य में 55,000 एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है।

यूपीसीडा क्षेत्रों में कारखानों का पंजीकरण दोगुना, 55 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक तैयार
मुख्य बिंदु
  • कारखानों का पंजीकरण 2022-23 में लगभग 1,400 से बढ़कर 2025-26 में करीब 3,300 हुआ।
  • औद्योगिक गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश में 50,000 से अधिक रोजगार पैदा हुए।
  • प्राधिकरण के पास 55,000 एकड़ से अधिक लैंड बैंक, जिसमें 2,000 एकड़ विकसित भूखंड शामिल हैं।
  • बोर्ड ने एक्सप्रेसवे और राजमार्गों के पास करीब पांच नए औद्योगिक क्षेत्रों को मंजूरी दी।

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के औद्योगिक क्षेत्रों में विनिर्माण गतिविधियों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यूपीसीडा की एसीईओ दीक्षा जैन के अनुसार, प्राधिकरण के क्षेत्रों में फैक्ट्री पंजीकरण तीन वर्षों में दोगुने से ज्यादा बढ़कर 2022-23 के लगभग 1,400 से 2025-26 में करीब 3,300 पर पहुंच गए हैं। इन गतिविधियों से 50,000 से अधिक रोजगार के अवसर बने हैं।

प्राधिकरण एनसीआर से आगे बढ़कर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड तक अपना विस्तार कर रहा है। इसके तहत गोरखपुर, संत कबीर नगर और ललितपुर में औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया जा रहा है। ललितपुर में एक समर्पित फार्मास्युटिकल पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही यूपीसीडा बोर्ड ने एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे रणनीतिक रूप से स्थित करीब पांच नए औद्योगिक क्षेत्रों को स्वीकृति दी है।

इस औद्योगिक विस्तार को गति देने के लिए पूरे प्रदेश में 55,000 एकड़ से अधिक का लैंड बैंक तैयार है। इनमें से लगभग 2,000 एकड़ विकसित भूमि पार्सल वर्तमान में उद्योगों के उपयोग के लिए उपलब्ध हैं। नए क्षेत्रों के साथ-साथ प्राधिकरण पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे को भी उन्नत कर रहा है।

यूपीसीडा सेक्टर-विशिष्ट पार्कों पर भी जोर दे रहा है। पीलीभीत के भरापचपेरा औद्योगिक क्षेत्र को पंतनगर के सिडकुल के निकट होने के कारण ऑटो और ऑटो-कंपोनेंट विनिर्माण के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं बहेड़ी में फूड पार्क और लखीमपुर खीरी के कुंभी में बायोप्लास्टिक पार्क स्थापित किया जा रहा है। पारदर्शिता और प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ईआरपी, एआई एनालिटिक्स, ड्रोन निगरानी, ऑनलाइन नीलामी और वनमैप प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है।

स्रोत: Invest UP (उत्तर प्रदेश सरकार) — मूल दस्तावेज़ / विज्ञप्ति देखें
यह खबर उपरोक्त आधिकारिक स्रोत के तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है और संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित की गई है। किसी त्रुटि की सूचना [email protected] पर "सुधार" विषय के साथ दें।

और खबरें